ओ३म्
आपका हर समय शुभ रहे जी।
‘‘कृतं मे दक्षिणे हन्ते जयो मे सव्य आहितः।।’’
ओ३म्
आपका हर समय शुभ रहे जी।
‘‘कृतं मे दक्षिणे हन्ते जयो मे सव्य आहितः।।’’
ओ३म्
आपका हर समय शुभ रहे जी।
‘‘कृतं मे दक्षिणे हन्ते जयो मे सव्य आहितः।।’’
ओ३म्
आपका हर समय शुभ रहे जी।
‘‘कृतं मे दक्षिणे हन्ते जयो मे सव्य आहितः।।’’
ओ३म्
आपका हर समय शुभ रहे जी।
‘‘कृतं मे दक्षिणे हन्ते जयो मे सव्य आहितः।।’’
आपका हर समय शुभ रहे जी।
‘‘कृतं मे दक्षिणे हन्ते जयो मे सव्य आहितः।।’’
1.चार्वाक दर्शन के प्रणेता हैं - *बृहस्पति*
2.चार्वाक दर्शन के आचार्य हैं - *चार्वाक, जयराशि भट्ट आदि*
3.चार्वाक दर्शन कितने पदार्थ मानता है - *४, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु।*
4.चार्वाक दर्शन में कितने प्रमाण हैं, नाम बताएं- *१, प्रत्यक्षमेकमेव प्रमाणम्*
5. चार्वाक दर्शन में कितने तत्व हैं- *४, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु।*
6. चार्वाक दर्शन के अनुसार आत्मा क्या है - *चैतन्यविशिष्टः कायः पुरुषः*
7.बौद्ध धर्म में कितने पिटक हैं - *३, विनयपिटक, सुत्तपिटक, अभिधम्मपिटक*
8.बौद्ध दर्शन के प्रणेता हैं - *गौतम बुद्ध*
9.बौद्ध दर्शन का ध्येय है - *आत्यन्तिकदुःखनिवृत्तिः, निर्वाणम्*
10.प्रतीत्यसमुत्पात किस दर्शन से है- *बौद्ध दर्शन*
11.त्रिपिटक ग्रन्थों के नाम हैं - *विनयपिटक, सुत्तपिटक, अभिधम्मपिटक*
12.बौद्ध दर्शन के आर्यसत्य कितने हैं - *४, दुःख, दुःखसमुदय, दुःखनिरोध, दुःखनिरोधप्रत्यगामिनी मार्ग*
13.बौद्ध दर्शन के प्रमुख आचार्य कौन कौन से हैं - *नागार्जुन, दिंगनाग, असंग, वसुबन्धु आदि*
14.बौद्ध दर्शन के सम्प्रदाय कितने हैं - *४,सौत्रन्तिक, वैभाषिक, माध्यमिक, योगाचार*
15.बौद्धों का आत्मा विषयक सिद्धांत... कहलाता है - *अनात्मवाद*
16.बुद्ध के उपदेशों की भाषा थी- *पालि*
17. हीनयान महायान किस दर्शन से सम्बन्धित है - *बौद्ध*
18.जैन दर्शन के अन्तिम तीर्थकर थे- *महावीर*
19.जैन दर्शन में कितने प्रमाण मानता है - *2, परोक्ष अपरोक्ष*
20. जैन दर्शन के प्रणेता हैं - *ऋषभनाथ*
21.सांख्यदर्शन के प्रणेता हैं - *महर्षि कपिल*
22. सांख्य दर्शन कितने प्रकार का मोक्ष मानता है - *२, जीवनमुक्ति, विदेहमुक्ति*
23. योग दर्शन के प्रणेता हैं - *हिरण्यगर्भ*
24. वैशेषिक दर्शन के प्रणेता हैं - *कणाद*
25. मीमांसा दर्शन के प्रणेता हैं - *जैमिनि*
26. वेदान्त दर्शन के प्रणेता हैं - *बादरायण*
27. वैशेषिक दर्शन का दूसरा नाम है - *कणाद*
28. न्याय दर्शन का दूसरा नाम है - *आन्वीक्षकी*
29. न्याय दर्शन का कार्य कारण सिद्धांत कहलाता है - *असत्कार्यवाद- सतः असज्जायते*
30. न्याय दर्शन में कितने तत्व हैं - *16, प्रमाणप्रमेयादि*
31. न्याय दर्शन के प्रणेता हैं - *गौतम*
32. सप्तभंगिनयवाद किस दर्शन का है - *जैन*
33. उत्तर मीमांसा किस दर्शन को कहते हैं - *वेदान्त*
34. बृहस्पति दर्शन किसे कहते हैं - *चार्वाक दर्शन*
35. स्यादवाद किस दर्शन का सिद्धांत है - *जैन दर्शन*
36. सांख्य में प्रमाण हैं? नाम बताइये - *३, दृष्ट (प्रत्यक्ष), अनुमान, आप्तवचन (शब्द)*
37. चार्वाक दर्शन में प्रमाण हैं? *प्रत्यक्षमेकमेव प्रमाणम्*
38. वेदान्त के प्रणेता हैं - *बादरायण*
39.वेदान्त में प्रमाण हैं नाम बताइये- *६, प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, शब्द, अर्थापत्ति, अनुपलब्धि*
40. जैन दर्शन के २३वें तीर्थंकर हैं - *पार्श्वनाथ*
41. जैन और बौद्ध दर्शन में कौन सा दर्शन प्राचीन है - *जैनदर्शन*
42. जैन दर्शन में मोक्ष के कितने साधन माने गए हैं - *तीन- सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्गः*
43. शून्य वाद किस दर्शन से है- *बौद्ध दर्शन*
44. त्रै शिक्षा सिद्धांत किस दर्शन से है- *बौद्ध दर्शन, प्रज्ञा, शील, समाधि*
45. सांख्य में कितने तत्व माने हैं - *२५*
46. सत्कार्य वाद किस दर्शन से है- *सांख्य*
47. न्याय दर्शन में कितने पदार्थ माने हैं - *१६, प्रमाणप्रमेयादि*
48. योग दर्शन के प्रणेता हैं - *महर्षि पतञ्जलि* *प्रवर्तक- हिरण्यगर्भ*
49. न्याय में प्रमाण कितने हैं - *४,प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, और शब्द*
50. सांख्य में करण कितने हैं - *१३*
51. वेदान्त में कितने प्रमाण हैं - *६,प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, शब्द, अर्थापत्ति, अभाव (अनुपलब्धि)*
52. पञ्चीकरणं किस दर्शन से है- *वेदान्त*
53. चार आर्य सत्य कौन से हैं - *दुःख, दुःखसमुदय, दुःखनिरोध, दुःखनिरोधप्रत्यगामिनी मार्ग*
54. भारतीय दर्शनों में सबसे प्राचीन है - *योग*
55. द्वैतवादी दर्शन कौन है - *सांख्य*
56. मृत्यु को मोक्ष कौन सा दर्शन मानता है - *चार्वाक*
57. पञ्च अणुव्रत कौन हैं - *अहिंसा, ब्रह्मचर्य, सत्य, अस्तेय,अपरिग्रह*
58. सांख्य में करण कितने हैं- *१३*
59. न्याय में प्रमाण कितने हैं, नाम बताएं- *४, प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, और शब्द*
60. प्रस्थानत्रयी ग्रन्थों के नाम बताइये- *गीता, ब्रह्मसूत्र एवं उपनिषद्*
61. यावज्जीवेत् सुखं जीवेत् ऋणं कृत्वा घृतं पिबेत्, दर्शन मानता है - *चार्वाक*
62. भस्मिभूतस्य देहस्य पुनरागमनम् कुतः, किस दर्शन से है- *चार्वाक दर्शन*
63. काम एवैकः पुरुषार्थः किस दर्शन से है- *चार्वाक दर्शन*
64. लोक सिद्धो राजा परमेश्वरः किस दर्शन का है - *चार्वाक दर्शन*
65.शून्य वाद किस दर्शन से है- *बौद्ध दर्शन*
66. आत्मदीपो भव किस दर्शन से है- *बौद्ध*
67. स्कन्द कितने हैं - *५, रुप, वेदना, संज्ञा, संस्कार और विज्ञान*
68. परतः प्रमाण्यवाद कौन सा दर्शन मानता है - *न्याय*
69. कौन सा दर्शन कर्मकाण्ड को नैतिक दृष्टि से व्यर्थ कहकर नकारता है - *चार्वाक*
70. चार महाभूतोंका वर्णन किस दर्शन में है- *चार्वाक दर्शन*
71. मोक्ष केवल ज्ञान द्वारा प्राप्त किया जा सकता है, यह कथन किसका है - *शंकराचार्य*, *वस्तुतः ज्ञान ही सभी का मूल है।*
72. शंकर मोक्ष का एक मात्र साधन किसे मानते हैं - *ज्ञान*
73. तर्क भाषा में कुल कितने पदार्थ हैं - *16*
74. अलंकार शेखर किसकी रचना है - *केशव मिश्र*
75. तर्क भाषा पर उज्ज्वला टीका किसकी है - *गोपीनाथ*
76.तर्क भाषा में प्रमाण का क्या लक्षण है - *प्रमाकरणं प्रमाणम्*
77.तर्क भाषा में कारण कितने होते हैं, नाम बताएं - *3, समवायिकारण, असमवायिकारण, निमित्तकारण*
78. तर्क भाषा में प्रमेय के प्रकार बताए - *12*
79.ज्ञानेन्द्रियां कितनी होती हैं - *5*
80. तर्क भाषा में द्रव्य कितने हैं - *9*
81. तर्क भाषा में गुणों की संख्या कितनी है - *24*
82. तर्क भाषा में अभाव कितने हैं - *2*
83. तर्क भाषा में अवयव कितने हैं - *5*
84. तर्क भाषा कैसा ग्रन्थ है - *प्रकरण*
85. नव्य न्याय के प्रणेता हैं - *गङ्गेशोपाध्याय*
86. षोडशपदार्थी किसे कहा गया है - *न्याय*
87. किसने न्याय सूत्र पर भाष्य लिखा- *वात्स्यायन* अन्य बहुत से लेखक हैं।
88. विपर्यय का अर्थ है - *मिथ्याज्ञान*
89. अनुमान के कितने भेद हैं- *2* 3भेद भी स्वीकृत है।
90. हेत्वाभास के कितने प्रकार हैं - *5*
91. परार्थानुमान के भेद हैं - *5* प्रतिज्ञादि भेद नहीं, अवयव हैं।
92. असिद्धहेत्वाभास के भेद हैं - *3*
93. रस के प्रकार हैं - *6*
94. प्रमाण के कितने भेद हैं - *4*
95. कर्म के कितने भेद हैं - *5*
96. न्याय दर्शन कितने अध्यायों में विभक्त हैं - *5*
97. गंध के कितने भेद हैं - *2, सुरभिरसुरभिश्च*
98. स्पर्श के कितने हैं - *3, शीत, उष्ण, अनुष्णाशीत*
99. रुप को किस इंद्रिय के द्वारा ग्रहण करते हैं - *चक्षु*
100.शब्द को किस इन्द्रिय के द्वारा ग्रहण करते हैं - *श्रोत*